अयोध्या में धारा-144 लागू

अयोध्या। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने आगामी दिवसों में विभिन्न धार्मिक एंव राजनैतिक संगठनों/संस्थाओं/व्यक्तियों आदि द्वारा जनपद अयोध्या के विभिन्न भागों में धरना प्रदर्शन, जुलूस मार्च, पदयात्रा इत्यादि द्वारा अथवा अन्य प्रकार के अविधिक, असामाजिक क्रिया कलापों एवं कार्यक्रमों से शान्ति व्यवस्था भंग की जा सकती है। आगामी अवधि में अनन्त चतुदर्शी, विश्वकर्मा पूजा/चेहल्लुम महाराजा अग्रसेन जयन्ती, महात्मा गाँधी जयन्ती, नवरात्र, दुर्गापूजा, दशहरा, महर्षि बाल्मीकी जयन्ती ईद-ए-मिलाद /बारावफात, नरक चतुर्दशी, दीपोत्सव धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, मैयादूज/चित्रगुप्त जयती, छठ पूजा पर्व, सरदार बल्लभ भाई पटेल एवं आचार्य नरेन्द्र देव जयंती, 14 कोसी/पंचकोसी परिक्रमा मेला आदि विभिन्न त्योहारों के साथ ही विभिन्न सेवा आयोगों की प्रतियोगी/शैक्षणिक परीक्षाएं आदि आयोजित होना सम्भावित हैं। अतः आगामी समय में सम्भावित आतंकवादी गतिविधियों, विभिन्न धार्मिक, राजनैतिक, संगठनों, संस्थाओं, व्यक्तियों के सम्भावित आयोजनों/कार्यक्रमों के साथ ही उल्लिखित त्योहारों परीक्षाओं, जनपद अयोध्या के विभिन्न मन्दिर, मठ, धर्मशालाओं आदि में आयोजित कार्यक्रमों, कोरोना वायरस कोविड-19 कारण फैल रही महामारी व सचारी रोगों, आदि के दृष्टिगत मेरा समाधान हो गया है कि जनपद में लोक, शान्ति, सुरक्षा व कानून व्यवस्था एवं जन सुरक्षा बनाये रखना अति आवश्यक है।


अतः मैं नितीश कुमार, जिला मजिस्ट्रेट, अयोध्या दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 में विहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए लोक/शान्ति/कानून व्यवस्था/जन सुरक्षा एवं जनजीवन को सामान्य बनाये रखने की  दृष्टि से जनपद की सम्पूर्ण सीमा में इसके अन्तर्गत पड़ने वाले समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र हेतु निम्नलिखित निषेधाज्ञाएं पारित करता हूँ। उपरोक्त आदेश को तात्कालिक रूप से पारित करने की आवश्यकता है। ऐसी दशा में समयाभाव के कारण समस्त सम्बन्धितों को समय से सूचित कर किसी अन्य पक्ष को सुना जाना संभव नहीं है। अतः यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किये जा रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति/संस्था इस आदेश से क्षुब्ध हो तथा इसके सम्बन्ध में कोई आपत्ति/आवेदन करना चाहे या छूट अथवा शिथिलता चाहे, तो उसे सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट/रेजीडेण्ट मजिस्ट्रेट अयोध्या नगर मजिस्ट्रेट, अयोध्या के सम्मुख आवेदन करने का अधिकार होगा, जिस पर सम्यक सुनवाई/विचारोपरान्त प्रार्थना-पत्र के सम्बन्ध में समुचित आदेश पारित किये जायेंगे।


यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और यदि बीच में वापस न लिया गया, तो दिनांक 04 नवम्बर 2022 तक प्रभावी रहेंगे। इस आदेश अथवा इसके किसी भी अंश का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। इस आदेश का प्रचार- प्रसार जिले के सभी कार्यकारी मजिस्ट्रेटों तथा न्यायालयों व जनपद के नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत क्षेत्रान्तर्गत पड़ने वाले थानों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करके किया जायेगा तथा स्थानीय समाचार पत्रों में समाचार के रूप में प्रकाशित कराकर एवं अन्य जनसंचार माध्यमों से प्रसारित कराकर किया जायेगा। यह आदेश आज दिनांक 08.09.2022 को मेरे हस्ताक्षर तथा न्यायालय की मुद्रा के अधीन जारी किया गया।