“रिद्धि दे, सिद्धि दे, वंश में वृद्धि दे, ह्रदय में ज्ञान दे, चित्त में ध्यान दे, अभय वरदान दे, दुःख को दूर कर, सुख भरपूर कर, आशा को संपूर्ण कर, सज्जन जो हित दे, कुटुंब में प्रीत दे, जग में जीत दे, माया दे, साया दे, और निरोगी काया दे, मान-सम्मान दे, सुख समृद्धि और ज्ञान दे, शान्ति दे, शक्ति दे, भक्ति भरपूर दें…”

नवरात्रि 02 अप्रैल,शनिवार यानी आज से शुरू होकर 10 अप्रैल,रविवार तक चलेगी। इस दौरान देशभर में नवरात्रि के 9 दिनों में देवी मां के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है. मान्यता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा करने से खास कृपा बरसती है.नवरात्रि के समय पूरे नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. ये त्योहार सालभर में चार बार मनाया जाता है. लेकिन इनमें सबसे प्रमुख चैत्र व शारदीय नवरात्रि है. इस नवरात्र से ग्रीष्म ऋतु की भी शुरुआत हो जाती है. नवरात्रि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू हो जाते है. जो कि इस वर्ष 02 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं, जिसका समापन 10 अप्रैल को होगा. इस बार नवरात्र की विशेष बात ये है कि इस साल किसी भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है. इसलिए इस बार नवरात्रि पूरे नौ दिनों की होगी.हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व  का बहुत ज्यादा महत्व है.सनातन परंपरा में शक्ति की साधना से जुड़े नवरात्रि पर्व का बहुत महत्व है. वर्ष 2022 के चैत्र मास में पड़ने वाली नवरात्रि में देवी दुर्गा की किस दिन, किस स्वरूप की पूजा का कौन सा उपाय करने पर पूरी होगी आपकी मनोकामना।

हिंदू पंचांग के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों को बेहद शुभ माना जाता है. आदिशक्ति मां दुर्गा को समर्पित नवराात्रि के दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. नवरात्रि पर्व का पहला दिन जहां मां शैलपुत्री की पूजा से शुरू होता है, वहीं समाप्ति भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी के दिन होती है.नवरात्रि के इस पावन पर्व पर सभी माता रानी की कृपा पाना चाहते हैं.नवरात्रि के 9 दिन साधना कर अपनी आध्यात्मिक शक्ति जगाने के लिए होते हैं, इन 9 दिनों में ब्रह्मचर्य का पालन सिर्फ तन से ही नहीं बल्कि मन से भी करना चाहिए। किसी भी तरह का कामुक विचार मन में न लाएं और महिलाओं से दूरी बनाकर रहें। नवरात्रि में भूलकर भी किसी महिला का अपमान न करें.

नवरात्रि के दौरान बाल या दाड़ी नहीं कटवाना चाहिए।ऐसा करना ठीक नहीं माना जाता। यही कारण है कि लोग इन 9 दिनों तक कटिंग और शेविंग करवाने से बचते हैं,हालांकि इस दौरान बच्चों का मुंडन करवाया जा सकता है, क्योंकि ये शुभ कार्य होता है. नाखून भी नहीं काटना होता है, इसलिए ये काम भी नहीं करना चाहिए.धर्म ग्रंथों के अनुसार नवरात्रि देवी आराधना का समय होता है. इस दौरान कोई भी अधार्मिक काम नहीं करना चाहिए, इसलिए इन 9 दिनों में मांसाहार यानी नॉनवेज न खाएं. जहां तक संभव हो भोजन में प्याज, लहसुन का उपयोग भी न करें, क्योंकि ये तामसिक प्रवृत्ति की चीजे हैं, इन्हें खाने से उत्तेजना बढ़ती है और बुरे विचार मन में आ सकते हैं. [/Responsivevoice]