आशाराम बापू की रिहाई हेतु सौंपा ज्ञापन

केंद्रीय नगर विकास मंत्री भारत सरकार कौशल किशोर को आशाराम बापू की रिहाई हेतु सौंपा ज्ञापन।

अजय सिंह

लखनऊ। अग्रणी समाजसेवी संस्था महिला उत्थान मंडल की प्रदेश प्रमुख डॉ.विमला मिश्रा ने गहरा खेद जताते हुए बताया कि पूरी दुनिया में फैले बापूजी के करोड़ों शिष्य 9 वर्षों से प्रत्येक 31अगस्त को ये काला दिवस अन्याय दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं। इन 9 वर्षों में नेताओं,अधिकारियों को लाखों ज्ञापन साधकों द्वारा दिए जा चुके हैं। लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।


तथाकथित बुद्धिजीवी जो आतंकवादियों को छुड़ाने के लिए जमीन आसमान एक किए रहते हैं बापूजी के बारे में मुंह खोलने भी तैयार नहीं है। जज महोदय जो बात बात पर स्वत संज्ञान लेते हैं बापूजी को सजा देकर न जाने किसको खुश कर रहे हैं? जो नेता मंत्री बापूजी के श्रीचरणों में दंडवत प्रणाम किया करते थे , जिन बापूजी की कृपा से ऊंचे ऊंचे पद पाए आज उन्हीं को अपनी गद्दी बचाने के चक्कर में भुलाए बैठे हैं !

सिस्टम की नाकामी पर रोष प्रकट करते हुए उन्होंने न्याय व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल उठाए-

१.जब मुख्य सहअभियुक्त शिवा भाई जिन पर आरोप था कि उन्होंने ही लड़की को बापूजी को कुटिया में भेजा था,निर्दोष बरी हो गए यानी लड़की बापूजी के पास गई ही नहीं तब बापू दोषी कैसे हो गए?
२. एफआईआर में लड़की ने रेप का नाम भी नहीं लिया तब किसने जबरदस्ती धारा 376 में सज़ा सुनाने का दबाव जज पर डाला।

३. धूर्तता पूर्ण धारा 120 बी क्यों लगाई गई ?

४.जब गंभीर से गंभीर अपराध के आरोपी जज,नेता,अभिनेता,व्यापारी, खिलाड़ी आये दिन छोड़े जा रहे हैं। बेल भी दी जा रही ,परोल भी दी जा रही है।
फिर 85 वर्षीय वयोवृद्ध संत जिन्हें गंभीर करोना रोग होने पर भी इलाज तक के लिए एक घंटे की भी राहत 9 साल से नहीं दी जा रही ?

आज संत श्री आशाराम बापू को निर्दोष होते हुए भी 9 सालों से जेल में अत्याचार सहना पड़ रहा है। जबकि अनेकों नेताओं,अभिनेताओं,माफियाओं को सारी सुविधायें दी जा रही हैं।

श्री कौशल को उनके व्यसमुक्ति अभियान हेतु शुभकामनाओं के साथ ही आश्रम की पुस्तकें ‘ नशे से सावधान ‘ तथा ‘व्यसन का शौक कुत्ते की मौत’ कैलेण्डर भी भेंट किए गए।

इस अवसर पर आश्रमवासी अर्जुन भाई, श्रीमती अर्चना व अंजना बहन,कुमारी पूजा तथा आकृति ने सक्रिय भाग लिया।