यूनिफार्म में सार्वजनिक स्थानों पर छात्र,छात्रा को नहीं मिलेगा प्रवेश


विद्यालय यूनिफार्म में सार्वजनिक स्थानों पर 12वीं तक के छात्र,छात्रा को नहीं मिलेगा प्रवेश।यूपी में अब सार्वजनिक स्थानों जैसे पार्क, मॉल, रेस्टोरेंट आदि पर विद्यालय समय में किसी भी छात्र एवं छात्राओं को विद्यालय यूनिफार्म में प्रवेश न देने के संबंध में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों के लिए आदेश जारी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ0 सुचिता चतुर्वेदी ने सभी जिलाधिकारियों के लिए आदेश जारी किया गया है की सार्वजनिक स्थानों जैसे पार्क, मॉल,रेस्टोरेंट आदि पर विद्यालय के समय 12वीं तक के छात्र एवं छात्रा को विद्यालय यूनिफार्म में प्रवेश न दे। अप्रिय घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने यह आदेश जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ0 सुचिता चतुर्वेदी ने कहा की कई घटनाएं हुई है जिलाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर इस आदेश पर कार्रवाई कर रिपोर्ट मुहैया कराने का आदेश जारी किया गया है।

डॉ0 शुचिता ने बताया की उन्होंने इस मुद्दे पर कई बार लोगों से चर्चा की तो सामने आया की बहुत से छात्र छात्राएं स्कूल बंक कर मॉल, रेस्टोरेंट, पार्क चले जाते हैं। 18 साल तक के बच्चे इतने मैच्योर नहीं होते, उन्हें बहलाना, फुसलाना आसान होता है।कई बार बच्चों के स्कूल से गायब होने के मामले आ जाते हैं, पेरेंट्स को पता भी नहीं होता। इन बच्चों के बहकावे में आने से अप्रिय घटना हो सकती इसके लिए एक अलर्ट भी है ये आदेश। जिलाधिकारी के माध्यम से यह निर्देश सभी BSA, DIOS, मॉल और पार्क के प्रबंधकों व अधिकारियों को यह निर्देश दिया जा रहा है।


प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से कहा गया है कि आयोग के संज्ञान में आया है कि विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्रा स्कूल के समय में सार्वजनिक स्थानों जैसे पार्क, मॉल, रेस्टोरेंट आदि में जाकर समय व्यतीत करते हैं। ऐसी पररिस्थिति में अप्रिय घटना होने की संभावना बन जाती है। इसी वजह से सभी जिलाधिकारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि अपने जनपद के समस्त सार्वजनिक स्थानों पर स्कूल टाइम में स्टूडेंट्स का यूनिफॉर्म में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाए। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर इस आदेश पर कार्यवाही कर रिपोर्ट मुहैया कराने का आदेश जारी किया गया है।