राजमार्गों के विकास से तेज होगा प्रदेश का विकास-मुख्य सचिव

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को विभागीय समन्वय से दूर कर कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जाए।फारेस्ट क्लियरेन्स हेतु प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाई जाये।राजमार्गों के विकास की गति जितनी तेज होगी, प्रदेश का विकास उतनी ही शीघ्रता से होगा।मुख्य सचिव ने की उत्तर प्रदेश में चल रही एनएचएआई परियोजनाओं की समीक्षा।

लखनऊ। एनएचएआई की उत्तर प्रदेश में चल रही परियोजनाओं के संबंध में प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में बुधवार को समीक्षा बैठक आयोजित हुई।       मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि यूपी में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। आगे भी समय के साथ सड़क कनेक्टिविटी को तेजी से बढ़ाने की जरूरत है। प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के माध्यम से चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को विभागीय समन्वय से दूर कर कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जाए।


उन्होंने जिलाधिकारियों को शीघ्रता से भूमि अधिग्रहण पूर्ण कराते हुयें निर्माण कार्य हेतु भूमि उपलब्धता सुनिश्चित कराने का लक्ष्य नियत करते हुये, नियत तिथि तक भूस्वामियों को मुआवजा दिलवाते हुये भूमि का हस्तान्तरण एन0एच0ए0आई0 को करवाने का निर्देश दिये। उन्होंने एन0एच0ए0आई0 के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि जिलाधिकारियों के पास भूस्वामियों को मुआवजा वितरित करने के लिये पर्याप्त धनराशि की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाये, जिससे कब्जा दिलाने में किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। अधिकांश जिलाधिकारियों द्वारा 31 जुलाई, 2022 तक एवं कुछ जनपदाें के जिलाधिकारियों द्वारा 31 अगस्त, 2022 तक एन0एच0ए0आई0 को मार्ग निर्माण हेतु सम्पूर्ण लम्बाई में भूमि का कब्जा दिलाने एवं भूस्वामियों को मुआवजे के वितरण का आश्वासन दिया गया।


मुख्य सचिव ने वन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिये कि फारेस्ट क्लियरेन्स हेतु प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाई जाये एवं यह सुनिश्चित किया जाये कि परियोजना प्रस्ताव से सम्बन्धित समस्त आपत्तियॉ सम्बन्धित कार्यदायी संस्था को एक साथ सूचित की जाये, जिससे उनका निस्तारण होने के पश्चात वन विभाग से फारेस्ट क्लियरेन्स हेतु अनापत्ति बिना किसी विलम्ब के जारी हो सके।मुख्य सचिव ने कहा कि विकास की गति जितनी तेज होगी, प्रदेश का विकास उतनी ही शीघ्रता से होगा। सभी अधिकारी प्रदेश के विकास हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग के भूमि अर्जन, वन विभाग से क्लियरेन्स, यूटिलिटी शिफ्टिंग आदि कार्यों को प्राथमिकता पर पूर्ण करायें। मुख्य सचिव द्वारा प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिये गये कि आज की बैठक में जिलाधिकारियों द्वारा सूचित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुये प्रगति से अवगत करायें।

 
         चेयरपर्सन एन0एच0ए0आई0 अलका उपाध्याय द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेश में 45652 करोड़ की परियोजनायें पूर्ण की जा चुकी हैं एवं 7610 करोड़ की परियोजनायें लगभग पूर्ण होने की स्थिति में हैं। इसके अतिरिक्त 53102 करोड़ की परियोजनाओं पर कार्य प्रगति में है तथा 19477 करोड़ की परियोजनाओं हेतु संविदाकारों का चयन कर अनुबन्ध गठित हो चुके हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 35040 करोड़ की परियोजनाओं के निर्माण कार्य हेतु संविदाकारों का चयन करके कार्य प्रारम्भ कराया जाना लक्षित है एवं इसके साथ-साथ 22126 करोड़ की परियोजनाओं की डी0पी0आर0 भी तैयार की जा रही है।बैठक में अपर मुख्य सचिव राजस्व, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, वन, सचिव आवास के साथ ही जनपद बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, मुरादाबाद, रामपुर, शाहजहॉपुर, गोरखपुर, महराजगंज, उन्नाव एवं लखनऊ के जिलाधिकारियों सहित सम्बन्धित वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।