कब्ज और गैस का निवारण करें योग

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कब्ज और गैस का निवारण करें योग
कब्ज और गैस का निवारण करें योग
मानव जीवन में कपालभाति प्राणायाम का महत्व
के.डी. मिश्रा योगाचार्य

मारे योग शास्त्रों में हर समस्या के लिए अलग-अलग प्रकार के योग और व्यायाम बनाये गये हैं। योग और व्यायाम भी कब्ज का रामबाण इलाज है। गैस, पेट दर्द और कब्ज के लिए योगासन का नियमित अभ्यास करने से बहुत जल्द और स्थायी रूप से आराम महसूस होता है। कब्ज और गैस की समस्या पाचन संबंधी गड़बड़ी की वजह से होती है। हमारे शरीर में गैस,अधिक खट्टा,तीखा,मसालेदार,बार-बार खाना, पानी नहीं पीना जैसे कारणों की वजह से बनती है। इन्हीं सब कारणों से मानव का पेट खराब होता है और कब्ज की समस्या पैदा हो जाती है। कब्ज और गैस का निवारण करें योग

कुछ लोगों के लिए कब्ज एक दैनिक समस्या बन गयी है और, हम आम तौर पर लोग इसे एक बीमारी मान लेते हैं, जबकि यह एक लक्षण है। यदि सही समय पर इसका इलाज़ नहीं किया गया तो यह श्रोणि रोगों और पेट के विकारों में बदल सकता है। लेकिन हम अक्सर कब्ज को लापरवाही से लेते हैं लेकिन अपने दैनिक व्यवहार में थोड़ा सा बदलाव कर, कब्ज के घरेलू उपचार से ही इसे ठीक कर सकते हैं। अक्सर खानपान की गड़बड़ियों के कारण कब्ज की शिकायत हो जाती है। कब्ज के कारण गैस, ब्लोटिंग और मोटापा की समस्या भी हो जाती है। इसलिए शरीर को कब्ज से मुक्त रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। कई योगासन हैं, जो कांस्टिपेशन से राहत दिलाते हैं।

कब्ज कैसे होता है…..?

कब्जियत के घरेलू उपाय से हम छुटकारा पा सकते हैं। कब्ज और गैस की समस्या से परेशान हर व्यक्ति के लिए इसके अलग मायने हैं। कुछ लोगों के लिए कब्ज असमय होने वाला मल त्याग है तो कुछ लोगों के लिए कठिन मल त्याग है। समस्या जो भी हो,लेकिन इसका मूल कारण हमारी अनहेल्दी लाइफस्टाइल ही है। गलत समय पर काम करना, आराम नहीं करना, जंक फूट का सेवन आदि हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन फिर भी हम ऐसा करते हैं। इसके अलावा आहार में ताज़े फल और हरी पत्तेदार सब्जियों की कमी से, विशेष रूप से भोजन जिसमें फाइबर कम हो, कब्ज का कारण बन सकता है। पानी का कम सेवन भी एक और कारण है।

कब्ज के लक्षण

अनियमित या कम मात्रा में मल त्याग। मल त्यागने में दबाव,छोटे या कठोर मल का पारित होना। पेट में दर्द और ऐंठन,फूला हुआ पेट। कब्ज तब हो सकता है जब आपका जीवन या दिनचर्या बदलती है। उदाहरण के लिए, आपकी मल त्याग की गतिविधियां बदल सकती हैं। आपको कई कारणों से कब्ज़ हो सकता है, और एक समय में कब्ज़ के एक से अधिक कारण हो सकते हैं। 

गैस एवं कब्ज का घरेलू उपचार कैसे करें…?

कब्जियत के घरेलू उपाय इस समस्या को जड़ से खत्म कर सकते हैं। इसका इलाज शुँरुआत में ही हो जाना चाहिए। समय पर अगर इसकी पहचान कर इलाज नहीं किया जाता है तो यह गंभीर श्रोणि रोगों और पेट के रोगों में बदल सकता है। 1 कप उबले हुए पानी में 1 चम्मच सौंफ मिला कर रात भर के लिए रख दें। सुबह इसे छान लें और इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं और इसे पी लें। इस मिश्रण को दिन में 3 बार पीने से पेट की गर्मी और एसिडिटी की समस्या दूर हो जाएगी। इससे पेट का फूलना और गैस की समस्या भी दूर हो जाती है।

कब्ज का रामबाण इलाज है योग

हमारे आहार के माध्यम से हम कब्ज का सरल तरीके से इलाज कर सकते हैं। ताजी पत्तेदार सब्जियों और फलों जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें। पानी का खूब सेवन करें। सुबह में गर्म तरल पदार्थ का सेवन बहुत उपयोगी हो सकता है। दैनिक मल त्याग के लिए एक नियमित दिनचर्या बनाएं। कब्ज के लिए योग का नियमित अभ्यास करें। कब्ज के लिए योगासन करने के कई तरीके हैं जो कब्ज से राहत प्रदान कर सकते हैं। लेकिन यह ठीक ही कहा गया है कि – “निवारण हमेशा इलाज से बेहतर है और कब्ज के लिए योगासन करना सबसे अच्छा तरीका है।”

योगाभ्यास कैसे दूर करते हैं कब्ज

कब्ज आमतौर पर तब होता है, जब मल बहुत लंबे समय तक कोलन (Large Intestine) में रह जाता है। कोलन मल से बहुत अधिक पानी सोख लेता है। इससे मल हार्ड और ड्राई हो जाता है। यदि आप नियमित तौर पर योगाभ्यास करती हैं, तो आपकी आंतों को गतिमान बनाने (Bowel Movement) में मदद मिलती है। इससे कब्ज दूर करने में मदद मिलती है। कुछ योग आसन पाचन तंत्र की मालिश करने का काम करते हैं। इससे आंतों के माध्यम से मल को शरीर से बाहर निकलने में मदद मिलती है। ऐसे योगासन, जिसमें आपका नीचे का शरीर (Lower Body Part) लगातार घूमता है। इससे पेट की मांसपेशियों (Abdomen Muscles) पर दवाब पड़ता है।

योग- कब्ज को दूर करने का एक प्राकृतिक तरीका। कब्ज के लिए योग का कुछ ही मिनटों का अभ्यास मल त्यागने में होने वाली परेशानी से राहत दिला सकता है। पेट में खिंचाव और पेट फूलने की समस्या से भी राहत दिलाता है व सारा दिन सुख एवं शांति रखने में भी मदद करता है। कब्ज के लिए योगासन करने से हमारा शरीर तरोताज़ा रहता है और शरीर में रक्त और ऑक्सीजन के प्रवाह को भी बढ़ाने में मदद करता है। अधिकांश योग आसनों में श्रोणि का अच्छा संचलन शामिल होने के कारण, योग अभ्यास वास्तव में कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकता हैं।

कब्ज दूर करने के लिए योगासन– कब्ज से छुटकारा कैसे पाएं, इसके लिए हम आपको कुछ योगासन बता रहे हैं, जिनके नियमित अभ्यास से इस समस्या से निजाद मिल सकता है।

बालासन– पैरों में होने वाले सुन्न्पन से लेकर मानसिक तनाव (stress) तक हर समस्या को इस येग के माध्यम से दूर किया जा सकता है। गलत खान पान और असंतुलित लाइफ स्टाइल के कारण पेट में गैस और ब्लोटिंग (bloating) की समस्या बढ़ने लगती है। ऐसे में रोज़ाना 30 सेकण्ड से 1 मिनट तक किया गया ये योगासन आपके पाचन को फायदा पहुंचाएगा और कब्ज भी समस्या हल हो जाएगी।

मयूरासन

मयूरासन- मयूरासन, यानी मोर आसन, कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है। यह आसन, शरीर में रक्त संचार को नियमित करता है और पेट के रोगों को दूर करता है। यह आसन, दिमागी स्ट्रेस को कम करता है और पाचन तंत्र को सही करता है। यह आसन पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है और अस्वास्थ्यकर भोजन के प्रभाव को नष्ट करता है। यह पेट में दबाव को बढ़ाता है ,जो प्लीहा और यकृत एनलार्ज्मेंट्स को कम कर देता है। यह आसन आंतो को भी मजबूत बनाता है। इस तरह से कब्ज के लिए योगासन हमें कई की समस्या से राहत दिलाने में मदद करता है।

अर्ध मत्स्येंद्रासन- कब्ज दूर करने के लिए अर्ध मत्स्येन्द्रासन योगासन किया जा सकता है। यह योगासन पेट के अंगों की मालिश करता है और पाचन क्रिया में सुधार करता है। यह किडनी, पेट, अग्न्याशय, प्लीहा, लीवर और कोलन को स्ट्रेच करके पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। इस आसन के महत्वपूर्ण शारीरिक पहलू यह हैं कि – यह पैन्क्रियाज़,लिवर,स्प्लीन,किडनी,पेट और कोलन को प्रभावित करता है, इसलिए मल त्यागने में सुधार और कब्ज से राहत प्रदान करता है।

हलासन- कब्ज के लिए योग करने से कब्ज, बदहज़मी और पेट संबंधी सभी प्रकार की बीमारियों से छुटकारा मिलता है। हलासन से आपकी पाचन क्रिया भी मजबूत होती है। अगर आप अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं तो अपने वजन को कम करने के लिए रोजाना हलासन जरूर करें। कब्ज से छुटकारा पाने के लिए हलासन योगासन किया जा सकता है। हलासन करने से पाचन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं और गैस की समस्या भी कम होती है। इससे मल त्याग की प्रक्रिया आसान बनती है और कब्ज से राहत मिलती है। हलासन पीठ की मांसपेशियों को मज़बूत बनाने और तनाव कम करने में भी मदद करता है। यह पेट को स्वस्थ रखता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है।

पवनमुक्तासन- जैसा नाम से ही पता चलता है, यह आसन शरीर से गैस को बाहर निकालने में मदद करता है। कब्ज के साथ-साथ, यह योगासन अपच/ मन्दाग्नि सहित कई पाचन संबंधी विकार को भी दूर करने में मदद कर सकता है। यह अम्लपित्त जिसे एसिड रिफ्लक्स भी कहते हैं, से राहत दिलाने में भी मदद करता है, जो की अपच के कारण ही होता है। कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए पवनमुक्तासन का नियमित अभ्यास किया जा सकता है। यह योगासन पेट और पाचन अंगों की मालिश करता है। इससे गैस और कब्ज की समस्या से राहत मिलती है।

तितली मुद्रा- आगे झुककर करने वाले आसन से हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद मिलती है और गैस, ऐंठन और पेट की सूजन से भी राहत मिलती है। यह आसन तनाव को कम करने में भी मदद करता है जो कि अच्छे पाचन के लिए अत्यंत आवश्यक है। कब्ज से राहत पाने के लिए तितली मुद्रा या बद्ध कोणासन का अभ्यास किया जा सकता है।यह आसन गैस छोड़ता है, एसिड रिफ़्लक्स से राहत देता है, और अपच जैसे विकारों को ठीक करता है।

कब्ज के लिए योग का नियमित अभ्यास

चिंता करना बंद करें और अभ्यास शुरू करें! आपके दैनिक समय के बस कुछ ही पल के अभ्यास से आप एक स्वस्थ पाचन तंत्र प्राप्त कर सकते हैं तथा परिणामस्वरूप खुश भी रह सकते हैं। परंतु अपने आहार में सुधार लाना मत भूलिएगा, जैसे कि फाइबरयुक्त खाना, फल और सब्ज़ी और पानी का पर्याप्त सेवन कब्ज को दूर रखने में आपको मदद करेगा। योग का नियमित रूप से अभ्यास शरीर और मन के विकास में मदद करता है, साथ ही इसके कई स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी हैं परंतु फिर भी यह दवा का विकल्प नहीं है। एक प्रशिक्षित योग शिक्षक की देखरेख में ही इन योग आसनों को सीखना व इनका अभ्यास करना चाहिए। कब्ज और गैस का निवारण करें योग